झांसी। रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर दो युवकों से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ितों को झांसी रेलवे स्टेशन बुलाकर फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिए गए। इस धोखाधड़ी में झांसी और देहरादून के दो युवकों के नाम सामने आए हैं।

डबरा की दीदार कॉलोनी निवासी मनीष रावत, जो एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है, ने बताया कि उसका पड़ोसी शिवम बंजारा खुद को रेलवे कर्मचारी बताता था। उसने दावा किया कि वह ग्रुप डी में नियुक्त हो चुका है और आईडी कार्ड भी दिखाया। शिवम ने यह भी कहा कि वह मनीष की भी नौकरी लगवा सकता है।
शिवम ने मनीष की मुलाकात देहरादून निवासी रवि तिवारी उर्फ राहुल चौहान से कराई। मनीष ने 21 दिसंबर 2024 को झांसी रेलवे स्टेशन पर रवि को 5 लाख रुपये नकद दिए। इसी दौरान झांसी निवासी सिद्धांत यादव भी रवि के साथ था। दोनों ने मनीष को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया और वादा किया कि बाकी दस्तावेज मेल के जरिए भेजे जाएंगे।
कुछ दिनों बाद, दोनों युवकों के मोबाइल नंबर बंद हो गए। मनीष को तब शक हुआ और जानकारी इकट्ठा की, जिससे पता चला कि यही दोनों ठग डबरा के एक अन्य युवक अभिषेक बंजारा और ग्वालियर निवासी प्रदीप पवैया से भी पांच-पांच लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं।
पुलिस ने मनीष रावत की शिकायत पर झांसी के सिद्धांत यादव और देहरादून निवासी राहुल चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
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